cross-colomn

Tuesday, August 11, 2015

मतलब जिंदगी का!!!!!

एक ट्रक के पीछे एक
बड़ी अच्छी बात लिखी देखी....
"ज़िन्दगी एक सफ़र है,आराम से चलते रहो
उतार-चढ़ाव तो आते रहेंगें, बस गियर बदलते रहो"
"सफर का मजा लेना हो तो साथ में सामान कम
रखिए
और
जिंदगी का मजा लेना हैं तो दिल में अरमान कम
रखिए !!
तज़ुर्बा है मेरा.... मिट्टी की पकड़ मजबुत होती
है,
संगमरमर पर तो हमने .....पाँव फिसलते देखे
हैं...!
[
जिंदगी को इतना सिरियस लेने की जरूरत नही यारों,
यहाँ से जिन्दा बचकर कोई नही जायेगा !!!
जिनके पास सिर्फ सिक्के थे वो मज़े से भीगते रहे
बारिश में ,
जिनके जेब में नोट थे वो छत तलाशते रह गए !

Sunday, August 9, 2015

क्या करे?

ज़मीन भी जाती रही और आसमान भी ना रहा




पर कटे परिंदे में उड़ने का अरमान भी ना रहा

पहले तो अपने होने का वहम होता था उसे



अब तो ये सूरत है उसका ये गुमान भी ना रहा

महलों में रहने की मैने ख्वाहिश क्या करी



हाय! वो पुरखों का कच्चा मकान भी ना रहा

दैर-ओ-हरम तो कभी वाइज़-ओ-रिंद मिलते रहे



इन सब में ऐसा उलझा अब वो इन्सान भी ना रहा

पायल क्या ये इल्म नहीं, झंकार की दरकार है



कोई उन्हे समझाये इश्क़ इतना आसान भी ना रहा

उसको भुलाते भुलाते खुद की पहचान खो गई



तीर छूटा ये कुछ ऐसा के कमान भी ना रहा......




जिन्दगी जीने के लिए बहोत छोटी है ,और .......
रोने के लिए बहोत बड़ी. उलझन में है आज की पीढ़ी
 पता नहीं क्या सही है और क्या गलत..................
 सुबह होते ही सब अपने काम में ऐसे लग जाते है
 जैसे कोई मशीन का बटन दबा दिया और मशीन चल पड़ी 
बच्चो को स्कूल छोडो,थोडा समय जॉगिंग के लिए निकालो (बीमारी से लड़ने के लिए जरुरी है इसलिए)फिर शुरू होती है ऑफिस जाने की भागदौड,(आप कितनी भी जल्दी करे देर होही जाती है ) 
फिर दिन भर वही काम...काम... और काम....
शाम होते ही घर जाओ तो थोडा चैन आता है,(अगर बीवी समजदार हो तो...किस्मत की बात है)
पता नहीं ऐसेही साल के साल निकल जाते है.पता नहीं चल रहा है हम जीने के लिए काम   कर रहे है या काम  करने के लिए जी रहे है...
जब हमें वास्तविकता  का पता लग पता है तब तक बहोत देर हो चुकी होती है
आपकी फ़ास्ट लाइफ से थोडा समय निकलकर पोस्ट पढ़ने के लिए शुक्रिया...

Friday, August 7, 2015

Happiness

Happiness is not something readymade. It comes from your own actions..........................

This is the fact....we know every thing about the happiness but...no one take action on this ..
    We wandering for searching happiness in external world... but true is happiness is in our actions......